तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ बस मुझे यूँ ही चाहते रहना, तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ बस मुझे यूँ ही चाहते रहना,
लो कुछ दिन ही सही लो कुछ दिन ही सही
लगभग एक दूसरे के विपरीत भाव भंगिमा है हमारी ! लगभग एक दूसरे के विपरीत भाव भंगिमा है हमारी !
कभी रोने पर भी पाबंदियां थी तो कभी मुस्कुराने पर भी थे एतराज़ हमसे कभी फ़िज़ूल में कभी रोने पर भी पाबंदियां थी तो कभी मुस्कुराने पर भी थे एतराज़ हमसे कभी...
पतझड़ का मौसम था, कुछ पेड़ों में पत्ते झडे़ थे, कुछ में नए निकल रहे थे, पर , तुम कह पतझड़ का मौसम था, कुछ पेड़ों में पत्ते झडे़ थे, कुछ में नए निकल रहे थे, ...
ना खुदा मिला, ना खुदा के बन्दे मिले, मुर्दों से बदतर कुछ ज़िन्दे मिले ना खुदा मिला, ना खुदा के बन्दे मिले, मुर्दों से बदतर कुछ ज़िन्दे मिले